बजट २०१७ : आँखे खोलो इंडिया

मोदीजी वादे करने में उस्ताद हैं और अगर आप इन वादों का विश्लेषण क्र के समझ लें तो बेकार की निराशा से बच सकेंगे , आइये बजट २०१७ के बजट के  वादों का सही ढंग से विश्लेषण क्र लेते हैं:Indian Budget 2017
रेलवे के ऑनलाइन टिकेट कटाने पर आपको सर्विस टैक्स नहीं देना होगा: ध्यान रहे ये सुविधा सिर्फ उन लोगों के लिए हैं जो IRCTC  के पोर्टल से डायरेक्ट टिकट कटायेंगे. अगर आपने yatra.com जैसी साइट से टिकट  कटाया तो मोदी जी की मेहरबानी आप पर नहीं होगी.
मेट्रो की हार्डवेयर और सॉफ्टवेर बदले जायेंगे : भला क्यो ये तो स्पष्ट नहीं किया गया है , लगता है  जो कुछ भी मनमोहन सिंह जी ने किया है या तो उसका नाम बदल देना है या फिर कॉस्मेटिक बदलाव ले आने हैं।
अब स्पेक्ट्रम की कोई कमी नहीं है : अब स्पेक्ट्रम, वो भी ४ जी इतना सस्ता है की मोदी जी की समर्थक  कंपनियाँ फ्री सेवा दे रही हैं और ,जब यह स्पेक्ट्रम २ जी था तो इसकी कीमत १. ७ ५ लाख करोड़ थी , इन्हीं बीजेपी के एक्सपर्ट्स ने सड़क पर ड्रामा किया था ,स्पेक्ट्रम की कम कीमत पर नीलामी होने पर उतना घटिया और घृणास्पद ड्रामा करने वाले लोग अब पूरी बेशर्मी से रिलायंस की फ्री सेवा में घोटाला नहीं देख पा रहे हैं।

भारत नेट के तहत १०००० करोड़ रुपये आवंटित किये गए हैं , इस  पैसे का क्या होगा ग्राम पंचायतों को जोड़ा जायेगा इन्टरनेट के द्वारा , गांवों में हॉटस्पॉट लगाए Budget 2017 Modiजायेंगे और लोगों को इन्टरनेट एक्सेस दिया जायेगा। अब सवाल है की जब हमारे मंत्री और खास क्र के बीजेपी के राजनीतिज्ञ इन्टरनेट की ABCD तक नहीं समझते तो वो कैसे उम्मीद करते हैं की आम जनता इन्टरनेट का कोई सदुपयोग क्र पायेगी।  हाँ उन समर्थक कंपनियों को फायदा पहुँचेगा जिन्हें इस काम में ठेका मिलेगा।  यहाँ एक बात और बताना चाहूँगा की इन्टरनेट इक बहुत बड़ा खतरा हो सकता है कम पढ़ी लिखी जनता के लिए.  बीजेपी के नेता थकते नहीं हैं संजय लीला भंसाली के द्वारा रानी पद्मिनी की मूवी के विरुद्ध बोलते हुए , परंतु इन्टरनेट पर तो अनेकों लेख छापे हुए हैं जो की सीधा सीधा इंगित करते हैं की ये पूरा का पूरा रानी पद्मिनी का प्रसंग काल्पनिक है।  और इसका वास्तविक इतिहास से कोई लेना देना नहीं है।  इसके अलावा इन्टरनेट पर एडल्ट मूवीज और चरित्र को बर्बाद करने वाली लेखों का कोई आभाव नहीं है तो ऐसे में इसकी उपलब्धता ग्रामीण भारत में  बढ़ाने का क्या मतलब है।

डिजिटल पेनशन सिस्टम : अरुण जेटली की बजट में डिजिटल पेंशन सिस्टम का वादा किया गया है – रक्षा से जुड़े सेवानिव्रित कर्मियों के लिए।  आज जब पिछले १२ वर्ष से पेंशन हो या सैलरी सब कुछ तो हमारे अकाउंट में डिजिटल तरीके से ही आता है तो ये तो समझ के पर है की ये किस तरह का डिजिटल सिस्टम लाने  की तैयारी हो रही है।

आधार पे के द्वारा सरकार  २५०० करोड़ के सालाना डिजिटल ट्रांसक्शन्स का लक्ष्य ले क्र चल रही है।  कमाल  है जेटली जी आज जब ५०००० करोड़ से ज्यादा के डिजिटल ट्रांसक्शन प्रति दिन हमारी नेशनल स्टॉक एक्सचेंज में हो जाती है तो इस तरह की योजना की चर्चा करना भी कहाँ तक जायज है।  भारत तो डिजिटल पहले नरसिम्हा रो और फिर मनमोहन सिंह के समय बहुत अच्छे से हो चूका और जब भारत डिजिटल हुआ था, तो आपकी पार्टी ही उसकी सबसे बड़ी विरोधी थी।

 

TCS और इनफ़ोसिस सहकारी बैंक को सेवा प्रदान करेंगे : इसका क्या मतलब है बिना कोई टेंडर निकाले आपने घोषित कर दिया की काम किसे दिया जायेगा।  TCS  या इनफ़ोसिस सिर्फ वर्किंग प्रोफेशनल्स का एक समूह भर है, अच्छा होता की इन वर्किंग प्रोफेशनल्स को सीधे सीधे नियुक्त किया जाता।

साइबर सिक्योरिटी: लगता है अंकित फाडिया जैसे नौटंकीबाजों को billionaire  बना क्र छोड़ेगी ये सरकार।  सरकार साइबर सिक्योरिटी की बात क्र रही है , मोदी जी को पता चल गया है की साइबर और सिक्योरिटी का इस्तेमाल एक साथ हो सकता है , बहुत जल्द और भी

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *