ध्रुव सक्सेना – क्या बीजेपी में देशद्रोहियों की एंट्री हो चुकी है

क्या मध्य प्रदेश में ध्रुव सक्सेना जैसे ISI एजेंट का पकड़ा जाना ये साबित करता है की भाजपा में देशद्रोही लोग शामिल हैं।  वैसे कांग्रेस या अन्य पार्टियों का इस मुद्दे को इतना अधिक उछालने के पीछे का बहुत ही स्पष्ट कारण है और वह है बीजेपी के द्वारा ये दिखावा करना की वो एक राष्ट्रवादी और देशभक्तों की पार्टी है।  मुझे सैद्धान्तिक विरोध होते हुए भी बिना किसी शक ये कहते हुए फक्र होता है की आज भारत की तमाम राजनितिक दलों में शीर्ष पदों पर आसीन सभी लोगों की देशभक्ति और राष्ट्रवादिता परशत  प्रतिशत भरोसा किया जाना चाहिए।  वो चाहे  नरेंद्र मोदी हों या राहुल गाँधी हों या राजनाथ सिंह हों या नितीश कुमार हों या ममता बनर्जी हों या अखिलेश यादव या शिवराज सिंह चव्हाण या फिर कोई अन्य नेता – सच्चाई ये है की इन नेताओं पर शक नहीं किया जा सकता क्योंकि भारत की एकता और अखंडता के कारण ही इनका अस्तित्व है.

dhruv-mp-bjp-story_647_021017095015हमें खतरा इस बात से है की जिला स्तरीय या अन्य संगठन स्तरीय राजनीती में फुल टाइम सदस्यों की संख्या हर पार्टी  को कचोटती है , मेरा मतलब ऐसे सदस्यों से है जो कम से कम ८ घंटे पार्टी कार्यालय में  समय दे सकें और वो भी बिना किसी नियमित तनख्वाह के।  ऐसे छुटभैये नेताओं की हैसियत समाज में भी जोकर की  ही होती है और पढ़े लिखे सामान्य नागरिक इस तरह के कामों में शामिल ही नहीं होना चाहते। इस स्थिति में चाहे जो भी हो अगर वो पार्टी कार्यालय में समय देना शुरू क्र देता है तो उसे काफी हद तक एक नियमित पार्टी कर्मचारी की तरह माना जाने लगता है और बड़े अफ़सोस की बात है की वो उन समारोहों का भी हिस्सा बनने लगता है जहाँ उसकी उपस्थिति का कोई मतलब नहीं होता। अभी एक फोटो वायरल हो रहा है जिसमें मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चव्हाण भाषण दे रहे हैं और ध्रुव सक्सेना भी स्टेज पर उपस्थित है। यहाँ ये भी बताने की जरूरत है की ध्रुव जैसे व्यक्ति का स्टेज पर उपस्थित होना मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री के लिए एक बहुत बड़ा खतरा है।

सवाल है की आज जब एक सामान्य चपरासी की नौकरी पाने वाले व्यक्ति की बैकग्राउंड का सत्यापन किया जाता है तो क्या ये जरूरी नहीं की राजनितिक पार्टियां चाहे वो भाजपा हो या कोन्ग्रेस्स या आप या जनता दाल या कोई और उन्हें अपने उन सदस्यों की नियमित जांच करनी चाहिए जिनका उनके दफ्तर में नियमित आना जाना है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *