लालू यादव की स्थिति गंभीर है पर वो दवा नहीं ले रहे

लालू यादव ने अगर बुद्धिमानी से काम लिया होता और योगी आदित्यनाथ की तरह अपने ऊपर लगाए गए मुकदमों को खत्म करने की कोशिश की होती तो शायद उनकी स्थिति ये नहीं होती। राजनीति चतुराई का खेल है और इसमें सीधे सादे लोगों के लिए जगह नहीं है।  अगर समाचार पत्रों की मानें तो लालू प्रसाद जी के शरीर में शुगर का स्तर ३०० के करीब है , क्रिएटिनिन का स्तर भी ऊपर है।  ऐसी स्थिति में चिकित्स्क सबसे पहले शुगर कम करने के लिए इन्सुलिन का इंजेक्शन देते हैं जिसे लालू जी ने लेने से इंकार कर दिया है।  इस तरह की अवस्था को ज्यादा लम्बा खींचना अच्छा नहीं होता।

वहीं लम्बे समय तक लालू के सहयोगी रहे उप मुख्यमंत्री सुशील मोदी ने आज फिर १४ साल की अतिरिक्त सजा पर प्रसन्नता जाहिर की है।  गिरिराज सिंह और नितीश कुमार जैसे नेता काफी प्रसन्न नजर आ रहे हैं।  ध्यान रहे की लालू के पास घोटाले की सम्पत्ति जब्त नहीं हुई है और ये सजा उन्हें अवैध निकासी में मिली विफलता के लिए दी जा रही है। इससे पहले जय ललिता भी काफी लम्बे समय तक घोटाले के आरोप में जेल में रहीं और बाद में सुप्रीम कोर्ट ने सारे  आरोपों को बेबुनियाद पाया।  जेल में जयललिता का स्वस्थ्य बड़ी तेजी से खराब हुआ और उस यातना के कारण उनके प्राण पखेरू उड़ गए। हाल ही में प्रवीण तोगड़िया भी low blood sugar के कारण मूर्छित अवस्था में सड़क पर मिले थे।

खैर जो भी हो लालू  जी के चारा घोटाले के अलावा भी बड़े प्रकरण हैं जिस पर किसी तरह की ठोस कार्यवाही नहीं हो रही ,क्या ये  सम्भव है की अन्य नेताओं पर भी कार्यवाही इसी तेजी होने लगे।

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